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हरियाणा के आइपीएस अफसर को सुशांत के सुसाइड पर शक, प्रदेश में ADGP हैं उनके जीजा

हरियाणा की अफसरशाही यह मानने को तैयार नहीं है कि फिल्म अभिनेता सुशांत राजपूत ने आत्महत्या की होगी। सुशांत राजपूत का हरियाणा से गहरा नाता रहा है। उनके जीजा ओपी सिंह सीनियर आइपीएस अधिकारी हैं
👉अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के पद पर तैनात ओपी सिंह मुख्यमंत्री कार्यालय में सलाहकार भी हैं। प्रदेश में राहगिरी के अधिकतर कार्यक्रम ओपी सिंह की देखरेख में होते हैं।
*हरियाणा से जुड़ी हैं फिल्म अभिनेता सुशांत राजपूत की कई यादें*
👉जीजा ओपी सिंह के आइपीएस अधिकारी होने के नाते सुशांत राजपूत की हरियाणा के कई आइपीएस और आइएएस अधिकारियों के साथ अच्छी जान-पहचान थी। इन अफसरों का मानना है कि साधारण से दिखने वाले सुशांत राजपूत किसी तरह के अवसाद में होंगे, उन्हेंं नहीं लगता। ऐसे युवक का सुसाइड करना संदेह पैदा करता है।
*सुशांत के जीजा एडीजीपी ओपी सिंह सीएमओ में हैं सलाहकार*
👉अपने साले सुशांत राजपूत के सुसाइड करने की खबर मिलते ही एडीजीपी ओपी सिंह अपने परिवार के साथ मुंबई के लिए रवाना हो गए। ओपी सिंह हरियाणा के खेल निदेशक भी रहे हैं। ओपी सिंह पहले ऐसे आइपीएस अधिकारी हैं, जिन्हेंं आइएएस अधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया था। यह बात हुड्डा सरकार के कार्यकाल की है, लेकिन अब मनोहर सरकार में भी यह परंपरा बन गई कि आइएएस अधिकारी के पद पर आइपीएस अधिकारी की नियुक्ति कर दी जाए। बिजली निगमों के चेयरमैन का पद आइएएस अधिकारी के लिए है, लेकिन यहां आइपीएस शत्रुजीत कपूर काम कर रहे हैं।
👉एडीजीपी ओपी सिंह की कार्य प्रणाली को देखते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उन्हेंं सलाहकार के पद पर सीएमओ में एडजेस्ट कर रखा है। सुशांत राजपूत की बहन की जब ओपी सिंह के साथ शादी हुई थी, तब उनकी उम्र करीब 12 साल थी। तभी से ही सुशांत अपनी बहन व जीजा के पास पंचकूला आते-जाते थे। सुशांत के अभिनेता बनने की शुरुआत भी पंचकूला से ही हुई थी।
👉शुरुआती दिनों में सुशांत यहीं पर रहकर क्रिकेट खेलते थे और उन्हेंं थिएटर का बड़ा शौक था। थिएटर करने की भी शुरुआत भी सुशांत ने पंचकूला से ही की थी। सुशांत के फिल्मी करियर की शुरुआत पंचकूला से हुई और यहीं पर उन्होंने कई थिएटर किए।
*महेंद्र सिंह धोनी की फिल्म के बाद सीएम मनोहर लाल से मिले थे सुशांत*
👉भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रहे महेंद्र सिंह धोनी की फिल्म आने के बाद जीजा ओपी सिंह ने सुशांत की मुलाकात हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल से कराई थी। सुशांत की असमय मौत पर हरियाणा के आइपीएस और आइएएस अधिकारियों को खासा दुख है। पूरे प्रदेश की अफसरशाही और राजनीतिक गलियारों में सुशांत राजपूत की मौत की खबर चर्चाओं में रही। एडीजीपी ओपी सिंह हालांकि इस बारे में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं और परिवार के साथ मुंबई चले गए हैं, लेकिन उनके साथ के अधिकारी बिना नाम छापे यह कहने से नहीं रुक रहे कि सुशांत का व्यवहार काफी अच्छा था। वह शांत स्वभाव का लड़का था और हर किसी का सम्मान करता था। फिल्म अभिनेता होने के बावजूद उसमें किसी तरह का गुरूर नहीं था। सुशांत जब पंचकूला आता था, तब उसकी हरियाणा के आइएएस और आइपीएस अधिकारियों तथा उनके परिवार के सदस्यों के साथ सेलीब्रिटी के नाते मुलाकात होती रहती थी।

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